Thursday, 24 March 2016

केलबा मंगईली शहर से बालक दिहल जुठाय - छठ के गीत ८१

केलबा मंगईली शहर से  बालक दिहल जुठाय - छठ के गीत ८१

उजे  केलबा मंगईली शहर से  बालक दिहल जुठाय।
उजे तिरिया जे रोवले वियोग से अर्ग दिहलो न जाय ।
उजे छठी मइया बोलथीन गर्व से अर्ग हमें लेबो तोहार ।
उजे हमरो दिहल सुन्दर बालक अवगुण करब् माफ ।

उजे नारियल मंगईली शहर से बालक दिहल ...

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प्रारब्ध - कविता प्रारब्ध हमारी तय करती है, नाते रिश्ते सारे| समय की गाडी छूक-छूक करती, चल पड़ती सब द्धारे| हम चाहे कितना इतर...